UPPCS मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

नमस्कार

प्रिय पाठक

आयोग द्वारा निर्धारित मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम अत्यधिक विस्तृत है।

इस भाग में कुल 8 प्रश्न पत्र होंगें जिनकी सारणी निम्नवत है।

प्रश्न पत्र

विषय

अंक

1

सामान्य हिन्दी

150

2

निबन्ध लेखन

150

3

सामान्य अध्ययन - 1

200

4

सामान्य अध्ययन - 2

200

5

सामान्य अध्ययन - 3

200

6

सामान्य अध्ययन - 4

200

7

सामान्य अध्ययन - 5

200

8

सामान्य अध्ययन - 6

200

सामान्य हिन्दी - पाठ्यक्रम 

  1. दिये हुए गद्य खण्ड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर
  2. संक्षेपण
  3. सरकारी एवं अर्थसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अदिसूचना, परिपत्र।
  4. शब्द ज्ञान एवं प्रयोग
  5. उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग
  6. विलोम शब्द
  7. वाक्यांश के लिए एकशब्द
  8. वर्तनी एवं वाक्य शुद्दि
  9. लोकोक्ति एवं मुहावरे

निबन्ध - पाठ्यक्रम

खण्ड (क)

  1.  साहित्य और संस्कृति
  2. सामाजिक क्षेत्र
  3. राजनैतिक क्षेत्र
खण्ड (ख)

  1. विज्ञान पर्यावरण और प्रौद्योगिकी
  2. आर्थिक क्षेत्र
  3. कृषि उद्योग एवं व्यापार
खण्ड (ग)

  1. राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय घटनाक्रम।
  2. प्राकृतिक आपदाएं भू-स्खलन भूकम्प, बाढ़, सूखा आदि।
  3. राष्ट्रीय विकास योजनाएं एवं परियोजनाएं

सामान्य अध्ययन 1 -  पाठ्यक्रम

  1. भारतीय संस्कृति के इतिहास में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला - रूप, साहित्य एवं वास्तुकला के महत्वपूर्ण पहलू शामिल होंगे।
  2. आधुनिक भारतीय इतिहास (1757 ई. से 1947 ई. तक) - महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व एवं समस्याएं इत्यादि।
  3. स्वतंत्रता संग्राम - इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
  4. स्वतंत्रता के पश्चात देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन (1965 ई. तक)।
  5. विश्व के इतिहास में 18 वीं सदी से बीसवीं सदी के मध्य तक की घटनाएं जैसे फ्रासीसी क्रान्ति 1789, औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन शास्त्र जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद, नाजीवाद, फासीवाद इत्यादि के रूप और समाज पर उनके प्रभाव इत्यादि शामिल होेगें।
  6. भारतीय समाज और संस्कृति की मुख्य विशेषताएं।
  7. महिला - समाज और महिला संगठनों की भूमिका, जनसंख्या तथा सम्बद्ध समस्याएं, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी सम्स्याएं और समाधान।
  8. उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण का अभिप्राय और उनका भारतीय समाज के अर्थ व्यवस्था, राज्य व्यवस्था और समाज संरचना पर प्रभाव।
  9. सामाजिक सशक्तीकरण, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
  10. विश्व के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण - जल, मिट्टियों एवं वन, दक्षिण पूर्व एशिया में (भारत के विशेष संदर्भ में)।
  11. भौतिक भूगोल की प्रमुख विशिष्टताएं - भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी क्रियाएं, चक्रवात, समुद्री जल धाराएं, पवन एवं हिम सरिताएं।
  12. भारत के सामुद्रिक संसाधन एवं उनकी संभाव्यता।
  13. मानव प्रवास - विश्व की शरणार्थी समस्या - भारत - उपमहाद्वीप के संदर्भ में।
  14. सामान्त तथा सीमाएं- भारत उप महाद्वीप के संदर्भ में।
  15. जनसंख्या एवं अधिवास - प्रकार एवं प्रतिरूप, नगरीकरण, स्मार्ट नगर एवं स्मार्ट ग्राम।

सामान्य अध्ययन 2 -  पाठ्यक्रम

  1. भारतीय संविधान - ऐतिहासिक आधार, विकास , विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान तथा आधारभूत संरचना।
  2. संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियां।
  3. केन्द्र - राज्य वित्तीय संबंधों में वित्त आयोग की भूमिका।
  4. शक्तियाँ का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थाएं। वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्रों का उदय एवं उनका प्रयोग।
  5. भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के साथ तुलना।
  6. संसद और राज्य विधायिका - संरचना, कार्य, कार्य संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार तथा संबंधित विषय।
  7. कार्यपालिका और न्यायपालिका का संरचना, संगठन और कार्य सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका। जनहित याचिका(पी.आई.एल.)।
  8. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं।
  9. विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, शक्तियां, कार्य तथा उनके उत्तरदायित्व।
  10. सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध - न्यायिक निकाय, नीति आयोग समेत - उनकी विशेषताएं एवं कार्यभाग।
  11. सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के मुद्दे एवं सूचना संचार प्रौद्योगिकी (आई.सी.टी.)।
  12. विकास प्रक्रियाएं - गैर सरकारी संगठनों की भूमिका, स्वयं सहायता समूह , विभिन्न समूह एवं संघ, अभिदाता, सहायतार्थ संस्थाएं, संस्थागत एवं अन्य अंशधारक।
  13. केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य - निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, संस्थान एवं निकाय।
  14. स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/ सेवाओं के विकास एवं प्रबन्धन से संबेधित विषय।
  15. गरीबी और भूख से संबंधित विषय एवं राजनैतिक व्यवस्था के लिए इनका निहितार्थ।
  16. शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई - गवर्नेंस, अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं, नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत व अन्य उपाय।
  17. लोकतंत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियों के संदर्भ में सिविल सेवाओं की भूमिका।
  18. भारत एवं अपने पड़ोसी देशों से उसके संबेध।
  19. द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबेधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  20. भारत के हितों एवं अप्रवासी भारतीयों पर विकसित तथा विकासशील देशों का नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव।
  21. महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच - उनकी संरचना, अधिदेश तथा उनका कार्य भाग।
  22. क्षेत्रीय. राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक घटनाक्रम।

सामान्य अध्ययन 3 -  पाठ्यक्रम

  1. भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ, नीति (एन.आई.टी.आई.) आयोग की भूमिका, सतत विकास के लक्ष्य (एस.डी.जी.)।
  2. गरीबी के मुद्दे, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास।
  3. सरकार के बजट के अवयव तथा वित्तीय प्रणाली।
  4. प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई विधि एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भंडारण, ढुलाई एवं विपणन, किसानों की सहायता हेतु ई. - तकनीकी।
  5. अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष कृषि अनुदान तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दे, सार्वजनिक वितरण प्रणाली - उद्देश्य, क्रियान्वयन, परिसीमाएं , सुदृढीकरण खाद्य सुरक्षा एवं बफर भण्डार, कृषि में तकनीकी अभियान।
  6. भारत में खाद्य प्रसंस्करण व संबंधित उद्योग - कार्यक्षेत्र एवं महत्व, स्थान निर्धारण, उर्ध्य व अधोप्रवाह आवश्यकताएं, आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन।
  7. भारत में स्वतंत्रता के पश्चात् भूमि सुधार।
  8. भारत में वैश्वीकरण तथा उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा इनके औद्योगिक विकास पर प्रभाव।
  9. आधारभूत संरचना - ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन तथा रेलवे आदि।
  10. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - विकास एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में, भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति का दैनिक जीवन में अनुप्रयोग।
  11. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां, प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण। नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास, प्रौद्योगिकी का हस्तान्तरण, द्विअनुप्रयोगी एवं तकनीकी उपयोगी प्रौद्योगिकीयां।
  12. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी में, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटर ऊर्जा स्रोतों , नैनो प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जागरूकता।
  13. पर्यावरण सुरक्षा एवं पारिस्थितिकी तंत्र, वन्य जीव संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरणीय प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरणीय संघात आंकलन।
  14. आपदा - गैर पारम्परिक सुरक्षा एवं सुरक्षा की चुनौती के रूप में, आपदा शमन एवं प्रबंधन।
  15. अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां - आणुविक प्रसार के मुद्दे, अतिवाद के कारण तथा प्रसार, संचार तन्त्र, मीडिया की भूमिका तथा सामाजिक नेटवर्किंग, साइबर सुरक्षा के आधार, मनी लॉन्टरिंग तथा मानव तस्करी।
  16. भारत की आन्तरिक सुरक्षा की चुनौतियां - आतंकवाद, भ्रष्टाचार, बगावत तथा मानव तस्करी।
  17. सुरक्षा बलों की भूमिका, प्रकार तथा शासनाधिकार, भारत का उच्च रक्षा संगठन।
  18. कृषि, बागवानी, वानिका एवं पशुपालन के मुद्दे।

सामान्य अध्ययन 4 -  पाठ्यक्रम

  1. नीतिशास्त्र तथा मानवीय अन्त - संबंध, मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सारत्व, इसके निर्धारक और परिणाम, नीतिशास्त्र के आयाम, निजी और सारवजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र।
  2. मानवीय मूल्य - महान नेताओ, सुधारकों और प्रशासको के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा, मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।
  3. अभिवृत्ति - अंर्तवस्तु (कन्टेन्ट), संरचना, कार्य, विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्प्य में इसका प्रभाव एवं संबंध, नैतिक और राजनीतिक अभिरूचि, सामाजिक प्रभाव और सहमति पैदा करना।
  4. सिविल सेवा के लिए अभिरूचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता तथा गैर - तरफदारी, वस्तुनिष्ठता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा करूणा।
  5. संवागत्मक बुद्दि अवधारणाएं तथा आयाम, प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनकी उपयोगिता और प्रयोग।
  6. लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीति शास्त्र - स्थिति तथा समस्याएं, सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक सरोकार तथा दुनिधाएं, नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, नियमन तथा अन्तर्रात्मा, जवाबदेही तथा नैतिक शासन व्यवस्था में नैतिक मूल्यों का सूदृढीकरण, अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों तथानिधि व्यवस्था (फंडिग) में नौतिक मुद्दे, कारपोरेट शासन व्यवस्था।
  7. शासन व्यवस्था में ईमानदारी - लोक सेवा की अवधारण, शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान - प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक - निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां।
  8. उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडी)।

सामान्य अध्ययन 5 -  पाठ्यक्रम

  1. उत्तर प्रदेश का इतिहास, सभ्यता, संस्कृति एवं प्राचीन नगर।
  2. उत्तर प्रदेश की वास्तुकला, उसकी महत्ता एवं रख - रखाव, संग्राहलय, अभिलेखागार एवं पुरातत्व।
  3. भारत के स्वतंत्रता संग्राम में 1857 से पहले एवं बाद में उत्तर प्रदेश का योगदान।
  4. उत्तर प्रदेश के सुविख्यात स्वतन्त्रता सेनानी एवं व्यक्ति।
  5. उत्तर प्रदेश में ग्रमीण, शहरी एवं जनजातीय मुद्दे - सामाजिक संरचना, त्यौहार, मेलेेे, संगीत, लोकनृत्य, भाषा एवं साहित्य/बोली, सामाजिक प्रथाएं एवं पर्यटन।
  6. उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था - शासन प्रणाली, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधान सबा एवं विधान परिषद, केन्द्र - राज्य संबंध।
  7. उत्तर प्रदेश में लोक सेवाएं, लोक सेवा आयोग, लेखा परीक्षा, माहन्यावादी, उच्च न्यायालय एव उसका अधिकार क्षेत्र।
  8. उत्तर प्रदेश -  विशेष राज्य चयन मानदण्ड, राजभाषा, संचित एवं आकस्मिक निधि, राजनीतिक दल एवं राज्य निर्वाचन आयोग।
  9. उत्तर प्रदेश में स्थानीय स्वशासन - शहरी एवं पंचायती राज, लोकनीति, अधिकार संबंधी मुद्दे।
  10. उत्तर प्रदेश - सुशासन, भ्रष्टाचार निवारण, लोकायुक्त, सिटीजन चार्टर, ई - गवर्नेंस, सूचना का अधिकार, समाधान योजना।
  11. उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार एवं इसका प्रभाव।
  12. उत्तर प्रदेश में सुरक्षा से मुद्दे - (1) उग्रवाद के प्रसार एवं विकास के बीच संबंध। (2) बाह्य, राज्य एव अंतर राज्यीय सक्रियकों से आन्तरिक सुरक्षा के लिए चुनौतियां पैदा करने में संचार नेटवर्को, मीडिया एवं सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका।(3) साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियम, कालेधन को वैध बनाना एवं इसकी रोकथाम। (4) विभिन्न सुरक्षा बल एवं एजेंसियों और उनके शासनादेश / अधिकार पत्र। (5) सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन , संगठित अपराधों का आंतकवाद से संबेध।
  13. उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था एवं नागरिक अधिकार सुरक्षा।
  14. उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय मुद्दे।
  15. उत्तर प्रदेश में शिक्षा प्रणाली।
  16. भारत में विकास में उत्तर प्रदेश की भूमिका।
  17. जल शक्ति मिशन एवं अन्य केन्द्रीय योजनाएं एवं उनका क्रियान्वयन।
  18. उत्तर प्रदेश में गैर सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.) मुद्देष योगदान एवं प्रभाव।
  19. उत्तर प्रदेश में पर्यट मुद्दे एवं संभावनाएं।
  20. उत्तर प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार - इसके मुद्दे एवं इसका समाज में रोजगार एवं सामाजिक - आर्थिक पर प्रभाव।

सामान्य अध्ययन 6 -  पाठ्यक्रम

  1. उत्तर प्रदेश का आर्थिक परिदृश्य - अर्थव्यवस्था एवं राज्य बजट की मुख्य विशेषताएं, बुनियादी ढाँचा एवं भौतिक संशाधनों का महत्व।
  2. उत्तर प्रदेश का व्यापार, वाणिज्य एवं उद्योग।
  3. उत्तर प्रदेश सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाएं, परियोजनाएं एव नियोजित विकास , मानव संसाधन एवं कौशल विकास।
  4. उत्तर प्रदेश में निवेश मुद्दे एुवं प्रभाव।
  5. उत्तर प्रदेश की लोक वित्ति एवं राजकोषीय नीति, कर एवं आर्थिक सुधार, एक जिला एक उत्पाद नीति।
  6. उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं गैर - नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों की योजना एवं प्रबंधन।
  7. उत्तर प्रदेश में की जननांकिकी, जनसंख्या एवं जनगणना।
  8. उत्तर प्रदेश में कृषि का व्यवसायीकरण एवं कृषि फसलों का उत्पादन।
  9. उत्तर प्रदेश की नवीन वानिका नीति।
  10. उत्तर प्रदेश की कृषि एवं समाजिक वानिकी।
  11. उत्तर प्रदेश में कृषि विविधता, कृषि की समस्याएँ एवं उनका समाधान।
  12. उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकासीय सूचकांक।
  13. उत्तर प्रदेश का भूगोल - भौगोलिक स्तिति, उच्चावच एवं संरचना, जलवायु, सिंचाई, खनिज, अपवाह प्रणाली एवं वनस्पति।
  14. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य।
  15. उत्तर प्रदेश में परिवहन तंत्र।
  16. उत्तर प्रदेश मेे औद्योगिक विकास, शक्ति संसाधन एवं अधोसंरचना।
  17. उत्तर प्रदेश में प्रदूषण एवं पर्यावरण के मुद्दे, प्रदूषण नियंत्रण परिषद एवं इनके कार्य।
  18. उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक संसाधन मृदा, जल, वायु, वन, घास - मैदान, आद्रभूमि।
  19. उत्तर प्रदेश के जलवायु परिवर्तन एवं मौसम पूर्वानुमान से संबंधित मुद्दे।
  20. उत्तर प्रदेश के संदर्भ में अधिवास पारिस्थितिकी तंत्र - संरचना एवं कार्य, समायोजन, जीव - जन्तु एवं वनस्पतियां.
  21. उत्तर प्रदेश में विज्ञान एवं तकनीक के मुद्दे, प्रसार एवं प्रयत्न।
  22. उत्तर प्रदेश में मत्स्य, अंगूर, रेशम, फूल, बागवानी एवं पौध उत्पादन तथा उत्तर प्रदेश के विकास में इनका प्रभाव।
  23. उत्तर प्रदेश के विकास में सार्वजनिक एवं निजी साझेदारी को प्रोत्साहित करना।
धन्यवाद!